हल्द्वानी। टीपी नगर क्षेत्र में हुए मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्याकांड का आरोपी मौसेरा भाई ही निकला। उसे हमेशा ही अपनी हत्या का डर सताता रहा था, इस कारण से उसने हत्याकांड को अंजाम दे डाला। इतना ही नहीं वह अपने पिता के लापता होने और भाई की मौत का जिम्मेदार भी मृतक के परिवार को मानता था। बता दें कि टीपी नगर क्षेत्र में कत्था फैक्ट्री के बाहर सुमेर कश्यप खाने का ठेला लगाते हैं। बीती 26 नवंबर को सुमेर कश्यप शाम को किसी काम से बाजार गए हुए थे। इस दौरान उन्होंने पुत्र अमित कश्यप को ठेली पर बिठा दिया। जब वह वापस लौटे तो उनका पुत्र लहूलुहान हालत में पड़ा था जिसके बाद उसे एसटीएच ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। इधर पुत्र की मौत के बाद पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं पुलिस हत्यारे की तलाश में जुट गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही मृतक के परिवार की कुंडली भी खंगालनी श्ुारू कर दी। जांच में पुलिस को अहम सुराग मिल गया जिसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी को डी क्लास तल्ली हल्द्वानी स्थित हनुमान मंदिर के पा से गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी मृतक का मौसेरा भाई निकला। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि आरोपी अरूण कश्यप मृतक अमित कश्यप का मौसेरा भाई है। अरूण कश्यप अपने पिता के लापता होने व भाई की मौत के लिए अमित के परिवार को जिम्मेदार मानता था। जिस कारण से वह अमित के परिवार से रंजिश रखने लगा। इतना ही नहीं उसे अपनी पत्नी का उसके घर जाना भी अच्छा नहीं लगता था। इतना ही नहीं उसे खुद अपनी हत्या का भी डर सताने लगा था। इसी डर को दूर करने के लिए उसने अमित की हत्या करने का प्लान बना दिया। घटना के दिन उसने मंगलपड़ाव से पाटल खरीदा और अंधेरे का फायदा उठाकर अमित पर कई वार दिए और वहां से फरार हो गया। हत्याकांड का खुलसा करने पर एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रूपए का ईनाम देने की घोषणा की है। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल हरेंद्र मिश्रा, एसएसआई महेंद्र प्रसाद, टीपी नगर चौकी प्रभारी सुशील जोशी, मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी जगदीप नेगी, चौकी प्रभारी मंडी विजय मेहता, राजपुरा चौकी प्रीाारी नरेंद्र कुमार, चौकी प्रभारी गन्ना सेंटर त्रिभुवन सिंह शामिल थे।
Chief Editor, Aaj Khabar