Haldwani: तारा जन सेवा समिति, तल्ली बमोरी की ओर से बुधवार को लालडांठ रोड स्थित तारा टेंट हाउस, शिव गौरी बैंक्वेट हॉल में विशाल कन्या पूजन कार्यक्रम श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें तिलक लगाया गया और उपहार भेंट किए गए। आयोजन के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे भजन-कीर्तन के साथ हुआ। करीब दो घंटे तक श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया और भक्तिमय वातावरण में माता की आराधना की। इसके बाद श्री मनोज कृष्ण शास्त्री व्यास जी ने कन्या पूजन के पौराणिक महत्व, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जीवन में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके बाद 151 कन्याओं का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान लिटिल फ्लावर स्कूल, सिल्वरस्टोन स्कूल, सावित्री शिक्षा संस्थान और किड्स केयर गार्डन की नन्ही बालिकाएं शामिल हुईं। आयोजकों ने कन्याओं को तिलक लगाकर और उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य, हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, भाजपा नेता कौस्तुभयम जोशी, निश्चल पांडे, विजय मनराल, वार्ड संख्या 49 के पार्षद चंदन सिंह मेहता और पंडित मदन मोहन जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति से जुड़ी श्रीमती तारा मेहता, अनीता मेहता, शोभा मेहता, पदमा बेलवाल, शांति जीना, पूनम जोशी, इंदिरा पंत, नलिनी सिंह मेहता, समीर आर्य, प्रताप रैकवार, देवेंद्र सिंह बिष्ट, संदीप भोज, शांति भट्ट, अक्षत मेहता, संजय उप्रेती और संतोष रावत सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
समिति के अध्यक्ष जितेन सिंह मेहता (जीतू) ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ का संदेश नारी सम्मान की महत्ता को दर्शाता है। कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में समाज की भी जिम्मेदारी है कि बेटियों को सम्मान देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान किए जाएं।
जितेन सिंह मेहता ने कहा कि 151 कन्याओं का पूजन सामाजिक सद्भाव और एकता का प्रतीक है। समिति भविष्य में प्रत्येक वर्ष दशहरे के अगले दिन इस आयोजन को आयोजित करेगी और आने वाले समय में कन्या पूजन में शामिल होने वाली बालिकाओं की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बेटी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “बेटी है तो कल है।”
कार्यक्रम के अंत में समिति की ओर से सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया।

Chief Editor, Aaj Khabar
