Ramnagar: नैनीताल जिले के रामनगर में आयोजित मिनी सरस मेले की दूसरी शाम उत्तराखंडी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रही। प्रसिद्ध लोक कलाकार श्वेता महारा की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कुमाऊं, गढ़वाल और जौनसार की लोकधुनों से पूरा पंडाल देर तक गूंजता रहा।
कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल और भी खास हो गया, जब जौनसारी गीत की धुन पर रामनगर के उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। श्वेता महारा के आग्रह पर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान मंच पर पहुंचे और शानदार अंदाज में डांस कर सभी का उत्साह बढ़ा दिया।
मंच पर एसडीएम को लोकधुनों पर थिरकता देख अधिकारी, जनप्रतिनिधि और दर्शक भी उत्साहित हो उठे। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्वेता महारा ने भी उनका भरपूर साथ दिया, जिससे कुछ ही पलों में पूरा मंच संगीतमय हो गया।
श्वेता महारा ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की विविधता को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। कुमाऊं और गढ़वाल की पारंपरिक लोकधुनों के साथ जौनसारी संस्कृति की झलक ने दर्शकों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया।
मिनी सरस मेला केवल खरीदारी और ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण महिलाओं, स्थानीय उत्पादों और उत्तराखंड की लोक कला एवं संस्कृति को मंच देने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रहा है। मेले का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अंतिम शाम भी यादगार रही, जहां स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। देर रात तक चले कार्यक्रमों में लोकगीतों की धुन पर दर्शक झूमते नजर आए।

Chief Editor, Aaj Khabar
