Dehradun: देहरादून में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से 100 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटों में अधिकांश को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने देहरादून और सीमावर्ती इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान 12 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
सहारनपुर और विकासनगर से जुड़े थे मिलावटी आटे के स्रोत
जांच में सामने आया कि प्रभावित मरीजों ने अलग-अलग दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदा था, लेकिन सभी का स्रोत सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और विकासनगर (देहरादून) से जुड़ा था। निम्नलिखित प्रतिष्ठानों से इस आटे की आपूर्ति की गई थी:
1. मेसर्स श्री गोविंद सहाय शंकर लाल – सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से कुट्टू का आटा सप्लाई कर रहा था।
2. विकास गोयल चक्की – सहारनपुर के मोग्गंज जामा मस्जिद के पास स्थित इस चक्की में आटा पिसा गया था।
3. Laxmi Trading, देहरादून – यह प्रतिष्ठान देहरादून में कुट्टू के आटे का मुख्य वितरक था, जिसका गोदाम मेट्याला अकबरी मस्जिद, देहरादून के पास स्थित है।
FSSAI गाइडलाइन्स के खिलाफ सप्लाई, FIR दर्ज
जांच में पाया गया कि इन प्रतिष्ठानों ने भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के विपरीत मिलावटी कुट्टू का आटा सप्लाई किया, जिससे 100 से अधिक लोग बीमार हो गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुख्य सप्लायर Laxmi Trading के खिलाफ FIR दर्ज कर गोदाम को सील कर दिया। संदिग्ध आटे के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
यूपी के फूड कमिश्नर को पहले ही दी गई थी चेतावनी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि खाद्य विभाग पिछले तीन महीनों से मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चला रहा था। उत्तराखंड में मिलावटी उत्पादों की आपूर्ति रोकने के लिए 15 दिन पहले ही यूपी के फूड कमिश्नर को पत्र भेजा गया था।
जनता से सतर्क रहने की अपील
डॉ. आर. राजेश कुमार ने जनता से खुले या संदिग्ध कुट्टू के आटे का सेवन न करने और प्रमाणित दुकानों से ही खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी को खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद अस्वस्थता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
अगर किसी को मिलावटी आटे या खाद्य सामग्री की जानकारी हो तो टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-4246 पर सूचना दी जा सकती है।
अस्पतालों का दौरा कर मरीजों का हाल जाना
डॉ. राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज और कोरोनेशन अस्पताल का दौरा कर फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर इलाज और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और अनावश्यक रूप से अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए।
आगामी दिनों में और होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि अन्य प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी जारी रहेगी। इस घटना के मद्देनजर प्रशासन और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
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Chief Editor, Aaj Khabar
