Dehradun: उत्तराखंड में बीते एक महीने से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाया हुआ है। विपक्षी दलों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है, जिसके चलते सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश भर में हो रहे प्रदर्शनों और कथित वीआईपी के नाम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सामने आए ऑडियो-वीडियो क्लिप्स और आरोप-प्रत्यारोप के बाद भाजपा और सरकार असहज स्थिति में नजर आ रही है। इससे पहले भाजपा विधायक, कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद द्वारा प्रेसवार्ताएं कर सरकार का पक्ष रखने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्ष के तीखे सवालों के सामने ये प्रयास प्रभावी साबित नहीं हो सके।
मामले में नाम जोड़े जाने के बाद भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर की है। वहीं देहरादून के डालनवाला थाने में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। प्रकरण के तूल पकड़ने के साथ ही भाजपा के भीतर भी असंतोष खुलकर सामने आया है।
पार्टी से जुड़े कई नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए इस्तीफे दिए हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़, वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी तथा भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी के इस्तीफे ने सत्तारूढ़ दल की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आज होने वाली प्रेसवार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रदेश भर में चल रहे प्रदर्शनों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच इस बात पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि क्या मुख्यमंत्री अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेंगे या नहीं।

Chief Editor, Aaj Khabar
