Haldwani: विद्यार्थियों को बेहतर और रोचक शिक्षा प्रदान करने के लिए पाठ्यक्रम में सांस्कृतिक तत्वों को शामिल करना जरूरी है। शिक्षकों को शिक्षण प्रक्रिया में कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों का प्रयोग करना चाहिए। यह बात खंड शिक्षा अधिकारी रामगढ़ गीतिका जोशी ने सोमवार को हल्द्वानी के डहरिया स्थित आनंदा एकेडमी में आयोजित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि दर्जा राज्य मंत्री मोहन पाठक ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के सपने को साकार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने में कदम से कदम मिलाकर सहयोग करने का आह्वान किया।
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली की ओर से आयोजित इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंदा एकेडमी के निदेशक भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने की। उद्घाटन समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के लगभग 100 शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन सीसीआरटी, नई दिल्ली के पर्यवेक्षक हरीश सिंह मनराल और जिला स्रोत व्यक्ति डॉ. डीएन भट्टथ के दिशा-निर्देशन में किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के पहले सत्र में डाइट बागेश्वर के प्रवक्ता रवि जोशी ने शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र में दिव्या पंत और भास्कर भौर्याल ने कला एवं शिल्प विषय पर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षण में रचनात्मकता और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस अवसर पर आनंदा एकेडमी की दीक्षा बिष्ट, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, माया बिष्ट, गौरव जोशी, पुष्पेश सांगा, डॉ. हरीश चंद्र जोशी, गिरीश तिवारी, त्रिलोक बृजवासी, नमिता पाठक, निशा प्रभा चन्याल, सीमा मर्तोलिया, बबीता मेवाड़ी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
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Chief Editor, Aaj Khabar
