Haldwani: शहर की सड़कों और मोहल्लों में पैदल चलना अब सुरक्षित नहीं रह गया है। हल्द्वानी में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि सोमवार को अकेले बद्रीपुरा और उसके आसपास के इलाकों में कुत्तों ने 40 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ठंड और प्रजनन काल के चलते कुत्ते अधिक आक्रामक हो रहे हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सार्वजनिक अवकाश के दिन सोमवार को बेस अस्पताल की इमरजेंसी में 260 मरीज पहुंचे। इनमें से 62 मरीजों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए, जिनमें 40 शिकार सिर्फ आवारा कुत्तों के थे, जबकि 22 अन्य को बिल्ली, बंदर या चूहों ने काटा था। अस्पताल में रोजाना औसतन 60 से 70 लोग एंटी-रेबीज लगवाने पहुंच रहे हैं।
नगर निगम के 60 वार्डों में लगभग 35,000 आवारा कुत्ते होने का अनुमान है। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों (अस्पताल, रेलवे स्टेशन, शिक्षण संस्थान) से कुत्तों को हटाने, उनके लिए शेल्टर होम बनाने और गंभीर मामलों में राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। हालात पर काबू पाने के बजाय, सिस्टम केवल मुफ्त एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने को ही अपनी उपलब्धि मान रहा है।
कुत्ते के काटने पर क्या करें:
तुरंत सफाई: घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।
चिकित्सीय सहायता: बिना देरी किए अस्पताल जाएं और डॉक्टर की सलाह पर एंटी-रेबीज और टिटनेस का टीका लगवाएं।
क्या न करें:
घरेलू नुस्खे से बचें: घाव पर हल्दी, मिर्च, नमक, मिट्टी, तेल या राख बिल्कुल न लगाएं।
लापरवाही न बरतें: घाव छोटा हो या कुत्ता पालतू हो, खतरे को नजरअंदाज न करें और टीके की खुराक बीच में न छोड़ें।
हमले से बचने के एहतियात:
कुत्तों को पत्थर मारने या दौड़ाने से बचें। विशेषकर सोते, खाते या पिल्लों के साथ मौजूद कुत्ते को बिल्कुल न छेड़ें। यदि कोई कुत्ता आक्रामक दिखे, तो घबराने के बजाय शांत रहें और धीरे-धीरे वहां से दूरी बना लें।
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Chief Editor, Aaj Khabar
