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Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग से उत्तराखण्ड के लिए विशेष सहायता की मांग की

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16वें वित्त आयोग से उत्तराखण्ड के लिए विशेष सहायता की मांग की
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Dehradun: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और अन्य सदस्यों के साथ भाग लेते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति, चुनौतियों और विकास की आवश्यकताओं पर राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील राज्य है और इस कारण राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए सतत आर्थिक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने राज्य की “ईको सर्विस लागत” को देखते हुए “Environmental Federalism” की भावना के अनुरूप उपयुक्त क्षतिपूर्ति की मांग की। साथ ही वन आच्छादन हेतु कर-हस्तांतरण में भार को 20 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने पिछले 25 वर्षों में वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और वर्तमान में बजट का आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जबकि बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने वर्ष 2010 में समाप्त हुए “इंडस्ट्रियल कन्सेसनल पैकेज” के बाद उत्पन्न “लोकेशनल डिस्एडवान्टेज” की भरपाई के लिए विशेष सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी सीमित होने के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में विशेष बजट प्रावधान करने पड़ते हैं।

राज्य के प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के लिए “सारा (SARAA)” और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु “भागीरथ एप” जैसी योजनाओं का उल्लेख किया और इनके लिए विशेष अनुदान पर विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने “रेवेन्यू डेफिसिट ग्रान्ट” के स्थान पर “रेवन्यू नीड ग्रान्ट” लागू करने की भी वकालत की।

वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने उत्तराखण्ड की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और बेरोजगारी में कमी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक चुनौतियों के समाधान हेतु व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 16वां वित्त आयोग अपनी रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2025 तक केंद्र सरकार को सौंप देगा।

इस अवसर पर सचिव वित्त श्री दिलीप जावलकर ने राज्य की वित्तीय चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री एल. फैनई, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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