Headlines

Dehradun: मुख्यमंत्री धामी ने 179 फंसे ट्रेकर्स और माउंटेनियर्स के रेस्क्यू की समीक्षा की, 8 हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान तेज करने के दिए निर्देश

Dehradun: मुख्यमंत्री धामी ने 179 फंसे ट्रेकर्स और माउंटेनियर्स के रेस्क्यू की समीक्षा की, 8 हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान तेज करने के दिए निर्देश
शेयर करे-

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दिल्ली प्रवास से लौटते ही सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान फंसे ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की स्वयं समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में फंसे ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स की संख्या, उनकी वर्तमान लोकेशन, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और मौसम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी तथा 43 लोग बागेश्वर जनपद के पिंडारी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की विशेष रूप से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरकाशी में फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रेकर्स, माउंटेनियर्स और पोर्टर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने और सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

रेस्क्यू अभियान के लिए 8 हेलीकॉप्टर तैनात

मुख्यमंत्री को बताया गया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध हवाई संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जाए। उन्होंने हेली एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ने पर उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी फोन पर बात कर रेस्क्यू अभियान की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शेष ट्रेकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू टीमों को सभी आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के साथ ही उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में चारधाम यात्रा की वर्तमान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने चारधाम और यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम सहित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पुख्ता और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए केवल वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करना पर्याप्त नहीं है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और स्थायी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था तैयार करें, जिससे धामों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा श्रद्धालुओं की सुविधा एक साथ सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की परिस्थितियों में सरकार का प्रत्येक तंत्र पूरी तत्परता से कार्य करे और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। उन्होंने मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *