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Dehradun: चुनाव से पहले कांग्रेस को मिला बड़ा हथियार, रेखा आर्या विवाद के बहाने धामी सरकार के हर विभाग का कच्चा चिट्ठा खोलने की तैयारी

Dehradun: चुनाव से पहले कांग्रेस को मिला बड़ा हथियार, रेखा आर्या विवाद के बहाने धामी सरकार के हर विभाग का कच्चा चिट्ठा खोलने की तैयारी
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Dehradun: उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। मंत्री के पति की ओर से 210 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल रेखा आर्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के जिन भी विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, उनका पूरा कच्चा चिट्ठा जनता के सामने लाया जाएगा।

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। कांग्रेस इन सभी मामलों को उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में दो संभावनाएं सामने आती हैं। या तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले में हिस्सेदार हैं या फिर सरकार इतनी निकम्मी है कि उसे अपने ही विभागों में हो रही गतिविधियों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला केवल 210 करोड़ रुपये के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश में पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने हजारों करोड़ रुपये का घपला किया है और उत्तराखंड की जनता के साथ धोखा हुआ है। कांग्रेस इन सभी मामलों को सामने लाकर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।

दरअसल, मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल तथा जालसाजी जैसे आरोप लगाए थे। इसके अगले दिन 16 अक्टूबर को गिरधारी लाल साहू ने अपना पक्ष रखते हुए रेखा आर्या पर 210 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। हालांकि, रेखा आर्या ने इन आरोपों का खंडन किया है।

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस इस मामले को सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।

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