Haldwani: आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद, पारिवारिक मामले, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में संशोधन, सड़क निर्माण और स्थायी परमिट से जुड़े मामलों पर सुनवाई की गई। अधिकांश मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से मौके पर ही समाधान कराया गया।
जनसुनवाई में भूमि विवाद के मामले अधिक सामने आने पर आयुक्त दीपक रावत ने लोगों से भूमि खरीदने के बाद उसकी चहारदीवारी कराने और जल्द भवन निर्माण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भूमि पर चहारदीवारी या भवन नहीं बनाने से भविष्य में जमीन की पहचान और वास्तविक कब्जे को लेकर विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जनसुनवाई में हल्द्वानी निवासी ममता मेहरा ने शिकायत की कि उन्होंने वर्ष 2015 में फतेहपुर चारधाम मंदिर क्षेत्र में करीब 2,000 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा था और उस पर चहारदीवारी भी कराई थी। वर्ष 2024 में भवन निर्माण के लिए पहुंचने पर उन्हें पता चला कि संबंधित प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति का है। जांच में सामने आया कि विक्रेता द्वारा सभी प्लॉट बेच दिए गए थे और कॉलोनी की सड़क भी विक्रय कर दी गई थी।
मामले का संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने क्रेता ममता मेहरा और विक्रेता अनिकेत भट्ट को कार्यालय में तलब किया। आपसी समझौते के बाद उन्होंने तीन दिनों के भीतर ममता मेहरा को प्लॉट दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित भू-स्वामी के खिलाफ लैंड फ्रॉड एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गौलापार के ग्राम विजयपुर में सूखी नदी पर काजवे और करीब दो किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद भी काम आगे नहीं बढ़ने का मामला जनसुनवाई में उठा। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट और ग्रामीणों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण का काम शुरू किया था, लेकिन वन विभाग की आपत्तियों के कारण कार्य बाधित है।
इस पर आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को तलब कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग को दी जाने वाली धनराशि के संबंध में शासन को पत्र भेजा जाए और सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए। आयुक्त ने इस मामले में आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
गड्ढामुक्त सड़कों की जमीनी जांच करेंगे एसडीएम
आयुक्त दीपक रावत ने सभी संबंधित उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मौके पर जाकर गड्ढामुक्त सड़कों का निरीक्षण करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि वास्तव में कार्य पूरा हुआ है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कें गड्ढामुक्त नहीं मिलने या निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंताओं ने बताया कि हल्द्वानी और अल्मोड़ा क्षेत्र में विभाग की लगभग 90 प्रतिशत सड़कें गड्ढामुक्त हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 53 प्रतिशत, काशीपुर नगर निगम में 100 प्रतिशत, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के तहत 90 प्रतिशत और उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडी) के तहत 82 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। हल्द्वानी-नैनीताल सड़क और काशीपुर-रामनगर मार्ग पर भी काम जारी है।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सड़कों की वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपें और सुनिश्चित करें कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप पूरा हो।
प्रमाण पत्र संशोधन और स्थायी परमिट के मामलों पर भी सुनवाई
जनसुनवाई में रोहित पांडे ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम की त्रुटि सुधारने का अनुरोध किया। जगदंबा कॉलोनी के निवासियों ने कॉलोनी में विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने की मांग रखी। वहीं, राजेंद्र प्रसाद लखचौरा ने बस का स्थायी परमिट जारी करने का अनुरोध किया।
आयुक्त ने स्थायी परमिट के मामले में आरटीओ हल्द्वानी को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं पर सुनवाई करते हुए आयुक्त ने अधिकांश मामलों का समाधान मौके पर ही कराया।
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Chief Editor, Aaj Khabar
