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Dehradun: विवादों के बीच अस्पताल से रेखा आर्या की प्रेस कॉन्फ्रेंस, पति की पहली शादी से लेकर 210 करोड़ की संपत्ति के आरोपों तक दिए हर सवाल के जवाब

Dehradun: विवादों के बीच अस्पताल से रेखा आर्या की प्रेस कॉन्फ्रेंस, पति की पहली शादी से लेकर 210 करोड़ की संपत्ति के आरोपों तक दिए हर सवाल के जवाब
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Dehradun: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को अस्पताल के बेड से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेखा आर्या ने पति की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि गिरधारी लाल ने अपनी पहली शादी की बात उनसे छिपाई थी और बच्चों के जन्म के बाद उन्हें इसकी जानकारी मिली। वहीं, करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जुटाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उनकी संपत्तियों का विवरण चुनावी हलफनामों में सार्वजनिक होता रहा है। अगर किसी को संदेह है तो जांच करा ली जाए।

रेखा आर्या ने पति की ओर से शिकायत वापस लेने की बात के साथ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने को ‘मीठी धमकी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अपनी शिकायत पुलिस को सौंप चुकी हैं और अब मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

रेखा आर्या से जब पूछा गया कि यदि उनके पति पहले से शादीशुदा थे तो उन्होंने करीब 22 साल बाद यह मुद्दा क्यों उठाया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें विवाह के समय पति की पहली शादी के बारे में जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, बच्चों के जन्म के बाद उन्हें इस बात का पता चला। इसके बाद पारिवारिक और भावनात्मक स्तर पर कई बार बातचीत हुई और परिस्थितियों को संभालने की कोशिश की गई।

उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के उल्लंघन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी तहरीर पुलिस को दे दी है। शिकायत में सामने आने वाले तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उनका उद्देश्य निजी जीवन में हुई घटनाओं को सार्वजनिक करने के साथ महिलाओं को घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश देना था।

उन्होंने कहा कि आम महिलाएं अक्सर समाज, रिश्तेदारों और परिवार की प्रतिष्ठा के डर से अपनी परेशानियां सामने नहीं ला पातीं। खुद उनके मन में भी सवाल थे कि लोग क्या कहेंगे, उनके राजनीतिक भविष्य पर क्या असर पड़ेगा और मीडिया इस मामले को किस तरह पेश करेगा। इसके बावजूद उन्होंने कानूनी प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया।

रेखा आर्या ने कहा कि वह तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं तथा कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में होने के बावजूद निजी परिस्थितियों से जूझना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने चुप रहने के बजाय शिकायत दर्ज कराना उचित समझा।

210 करोड़ की कथित संपत्ति के आरोपों पर दिया जवाब

गिरधारी लाल साहू की ओर से करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जुटाने के आरोपों पर रेखा आर्या ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 2003 में जिला पंचायत सदस्य बनने के साथ हुई थी। उन्होंने वर्ष 2003, 2012, 2014 और 2022 में संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें 2027 में भी चुनाव लड़ने का अवसर मिलता है तो वह अपनी संपत्तियों का ब्योरा देंगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत वापस लेने की बात के साथ भ्रष्टाचार के आरोप जोड़कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

रेखा आर्या ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड पुलिस पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उनके मामले में निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने कहा कि दूसरी महिलाओं को भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और कानूनी रास्ता अपनाने का संदेश देने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

मंत्री से जब पूछा गया कि उनके अपने मामले में उठ रहे सवालों के बीच दूसरी महिलाओं को न्याय मिलने का भरोसा कैसे होगा, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद शिकायत दर्ज कराकर कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा जताया है। अब पुलिस की कार्रवाई से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी रखी बात

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेखा आर्या से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी सवाल किए गए। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार के प्रति उनकी पूरी संवेदना है और उनकी पार्टी परिवार के साथ खड़ी रही है।

उन्होंने कहा कि परिवार की भावनाओं के अनुरोध पर ही मामले की सीबीआई जांच का विषय आगे बढ़ा था। रेखा आर्या ने कहा कि जांच पूरी होने दी जानी चाहिए और जो भी दोषी होगा, उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने जांच के दौरान तथ्यों के सामने आने का इंतजार करने की बात कही।

रेखा आर्या ने वर्ष 2024 में कल्पना मिश्रा से जुड़े मामले में दर्ज कराई गई शिकायत पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी शिकायत दस्तावेजों और घर के पते के कथित दुरुपयोग से संबंधित थी। उनके मुताबिक, संबंधित महिला पर दस्तावेजों और पते का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था।

उन्होंने वाहन पर उत्तराखंड सरकार से संबंधित बोर्ड और हूटर लगाए जाने के मुद्दे का भी जिक्र किया। रेखा आर्या के अनुसार, उस समय सामने आए तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब कथित ऑडियो सामने आने के बाद उन्हें पूरे घटनाक्रम को नए सिरे से देखने की जरूरत महसूस हुई है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेखा आर्या की शिकायत पर 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच के लिए एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है।

मंत्री ने अपने पति पर मारपीट, प्रताड़ना, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कथित ऑडियो के आधार पर हत्या की साजिश का आरोप भी शामिल है।

पुलिस ने कथित ऑडियो को जांच के लिए लैब भेजा है। राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को निराधार बताते हुए ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया फर्जी ऑडियो बताया है। उन्होंने रेखा आर्या पर करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप भी लगाया है।

फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों, कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही विवाद से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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