Dehradun: राजधानी के तिब्बती मार्केट के पास कर्नल पुत्र अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में दून पुलिस ने बड़ी प्रगति का दावा किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए फरार शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार यमकेश्वर पौड़ी निवासी दो भाई—राजू और पंकज राणा—को मुठभेड़ के दौरान पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्याकांड के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के रूप में कारोबारी विनोद उनियाल का नाम लिया है। बताया जा रहा है कि राजू विनोद का ड्राइवर है और हत्या के लिए 12 से 15 लाख रुपये की डील तय हुई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक अर्जुन की मां बीना शर्मा और विनोद उनियाल के बीच करीबी संबंध थे। सूत्रों के मुताबिक, अर्जुन के पिता की शहादत के बाद विनोद परिवार के संपर्क में आया और संपत्ति से जुड़े मामलों में दखल देने लगा। अर्जुन को आशंका थी कि उसकी हिस्सेदारी की जमीन बेची जा सकती है, जिससे परिवार में तनाव बढ़ गया।
बताया यह भी जा रहा है कि अर्जुन की मां ने पूर्व में अपने बेटे से खतरे की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने सास बीना शर्मा, कारोबारी विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के मालिक डॉ. अजय खन्ना के खिलाफ हत्या करवाने के संदेह में मुकदमा दर्ज कराया।
थाना डालनवाला में दर्ज एफआईआर में सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस अब पूरे षड्यंत्र की परतें खोलने में जुटी है और अन्य संभावित साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

Chief Editor, Aaj Khabar
