Dehradun: उत्तराखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं साहित्यकार डॉ. गिरीश रंजन तिवारी की पुस्तक “अतीत से वर्तमान तकः नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा” को राजभाषा गौरव पुरस्कार-2025 के अंतर्गत द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डॉ. तिवारी को मिला यह सम्मान उनके उत्कृष्ट लेखन, शोधपरक दृष्टि, पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता तथा उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि नैनीताल केवल एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि समृद्ध इतिहास, लोक परंपराओं, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत को समेटे एक विशिष्ट ऐतिहासिक नगर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तिवारी ने अपनी पुस्तक के माध्यम से नैनीताल के पौराणिक उल्लेखों, ऐतिहासिक विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवेश तथा महत्वपूर्ण धरोहरों को रोचक, तथ्यपरक और पठनीय शैली में प्रस्तुत किया है। विशेष रूप से लोक भवन नैनीताल के 125 वर्षों के इतिहास, उसकी विशिष्ट स्थापत्य शैली, निर्माण प्रक्रिया और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं को प्रमाणिक सामग्री एवं चित्रों के साथ प्रस्तुत किया जाना सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति उत्तराखण्ड के इतिहास, संस्कृति, परंपरा और स्थापत्य कला को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के साथ भावी पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि ज्ञान, विरासत और इतिहास को शब्दों में सहेजकर उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने डॉ. गिरीश रंजन तिवारी की पुस्तक को राजभाषा गौरव पुरस्कार-2025 में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होने को एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
राज्यपाल ने कहा कि पुस्तक में लोक भवन नैनीताल के इतिहास, विशिष्ट स्थापत्य, समृद्ध धरोहर एवं सांस्कृतिक महत्व को अत्यंत सुंदर और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उत्तराखण्ड की गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक धरोहर को देशभर में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों ने डॉ. गिरीश रंजन तिवारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने लेखन एवं रचनात्मक कार्यों के माध्यम से उत्तराखण्ड के इतिहास, संस्कृति और विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में निरंतर योगदान देते रहेंगे।
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Chief Editor, Aaj Khabar
