Dehradun: भाजपा ने कांग्रेस पर हल्द्वानी प्रकरण के बहाने जातिवादी राजनीति को हवा देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस द्वारा एक घटना को लेकर दलित अपमान का कथित झूठा नैरेटिव फैलाने से प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंच सकता है। भाजपा सामाजिक समरसता और सौहार्द के लिए प्रतिबद्ध है तथा जातीय वैमनस्य की कोशिशों को सफल नहीं होने देगी।
भाजपा मुख्यालय में आगामी 7 सितंबर को प्रस्तावित सामाजिक सौहार्द संकल्प धरने की तैयारियों को लेकर भट्ट ने जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के रूप में उत्तराखंड में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
भट्ट ने कांग्रेस और विपक्ष पर देश व प्रदेश में जाति आधारित विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव की रही है। ऐसे में हल्द्वानी की एक घटना को जातिगत रंग देने की कोशिश प्रदेश के माहौल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने दावा किया कि हल्द्वानी रामलीला मैदान में किसी भी तरह का जाति आधारित शुद्धिकरण यज्ञ नहीं हुआ, इसके बावजूद कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को लेकर कथित तौर पर गलत नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है। भट्ट ने कहा कि इस तरह के बयानों से यज्ञ से जुड़े दलित समाज के लोगों के साथ-साथ उत्तराखंड की छवि और सामाजिक माहौल को भी नुकसान पहुंचा है।
भट्ट ने कांग्रेस पर चाय की दुकान के कपों को जातिवाद से जोड़ने और मनुस्मृति को लेकर समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐसी राजनीति इस बात का संकेत है कि पार्टी लगातार चुनावी पराजय के बाद समाज में बड़ी टूट पैदा करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता 7 सितंबर को मंडल स्तर पर आंबेडकर प्रतिमाओं एवं चित्रों के समक्ष शांतिपूर्ण धरना देकर सामाजिक एकता और समरसता का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा विभाजन की आग को उत्तराखंड में धधकने नहीं देगी।
अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए भट्ट ने कहा कि “चिंगारी का खेल बुरा होता है” और दूसरों के घर में आग लगाने का सपना देखने वाले अंततः अपने ही घर को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जातिवाद में बंट सकती है, लेकिन देवभूमि का समाज कभी नहीं बंटेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कथित राजनीतिक “पापों” का हिसाब जनता 2027 के चुनाव में लेगी।
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Chief Editor, Aaj Khabar
