Dehradun: मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन के लिए राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भविष्य में सभी प्रस्ताव जनपद स्तरीय समिति की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से ही समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग एवं माइनिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही बाढ़ सुरक्षा से संबंधित प्रस्तावों को विभागीय समिति द्वारा तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) की प्रक्रिया पूर्ण कर राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष लाने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन नदियों में हर वर्ष कटान की समस्या उत्पन्न होती है, उन्हें चिन्हित कर चैनलाईजेशन की स्थायी योजना तैयार की जाए। सितारगंज क्षेत्र में बैगुल नदी के लिए विस्तृत अध्ययन कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जनपद नैनीताल के चार्टन लॉज की भूस्खलन से सुरक्षा, पिथौरागढ़ में विभिन्न स्थानों पर लैंडस्लाइड एवं ड्रेनेज कार्य, हरिद्वार में मनसा देवी हिल बाईपास रोड की सुरक्षा, तथा अल्मोड़ा में मोटर मार्ग सुरक्षा कार्यों सहित कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त उत्तरकाशी, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल जनपदों में पुल, सड़क, बाढ़ सुरक्षा दीवार एवं जलभराव निस्तारण से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। देहरादून जिले के रायपुर, डोईवाला, कैंट एवं सहसपुर क्षेत्रों में भी बाढ़ सुरक्षा और सुरक्षात्मक दीवार निर्माण के महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत किए गए।
राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन के लिए कुल 34 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों को भी कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
