Dehradun: प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता व राज्य आंदोलनकारी डॉ. गणेश उपाध्याय ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र और देवभूमि का माखौल उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए पहले तो अनावश्यक विलम्ब किया और जब कानूनी रूप से चुनाव रोके नहीं जा सके तो आरक्षण प्रक्रिया में सुनियोजित गड़बड़ी की गई।
डॉ. उपाध्याय ने आरोप लगाया कि पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण तय करने में भी भाजपा ने गलत तरीके से लाभ उठाने का प्रयास किया और इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस व प्रशासन ने सत्तारूढ़ दल का साथ दिया। इसके बावजूद जनता ने भाजपा को आईना दिखाया और करीब 40 सीटों पर भाजपा नेताओं के स्वजन हार गए।
उन्होंने कहा कि पहले पंचायत चुनाव में व्यक्तित्व को देखकर वोट मिलता था, लेकिन अब धनबल हावी हो गया है। प्रत्याशी सत्ता और पद की आड़ में पैसा कमाने की लालसा में मतदाताओं को प्रलोभन दे रहे हैं और सरकार इसमें पूरी तरह लिप्त है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत व ब्लॉक पंचायत सदस्यों को भी भाजपा ने धनबल से प्रभावित कर लोकतंत्र को कलंकित किया है।
डॉ. उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड में मात्र 35% वोट भाजपा को मिले जबकि कांग्रेस व निर्दलीयों सहित विपक्षी दलों को 65% वोट प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और राज्य को बेरोजगारी व राजनीतिक घटनाओं से प्रयोगशाला बना दिया गया है।
बेतालघाट की फायरिंग घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट गोली न चलने की बात कह रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर सरकार की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने ग्राम पंचायत चुनावों में कांग्रेस को स्वीकार किया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
