Dehradun: उत्तराखंड में आज पारंपरिक लोकपर्व हरेला हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी के साथ हरेला पर्व मनाने की राज्यव्यापी शुरुआत भी हो गई है। इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रदेशभर में पांच लाख पौधे रोपने का लक्ष्य तय किया है। गढ़वाल मंडल में तीन लाख और कुमाऊं मंडल में दो लाख पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। पर्व को लेकर विभिन्न जिलों में पौधरोपण कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही है।
मुख्य कार्यक्रम देहरादून स्थित गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर राज्यव्यापी पौधरोपण का शुभारंभ किया। उनके साथ वन मंत्री सुबोध उनियाल और कृषि मंत्री गणेश जोशी ने भी पौधे रोपे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरेला हमारे पूर्वजों का प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का पर्व है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य सरकार ने पांच लाख पौधे रोपने का संकल्प लिया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत देशभर में करोड़ों पेड़ लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पौधरोपण और वृक्षों के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में जलस्रोतों के पुनर्जीवन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए फलदार और स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड का 70 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और यही कारण है कि राज्य ने ग्रॉस एनवायरमेंटल प्रोडक्ट की अवधारणा लागू की है, ताकि पर्यावरण संरक्षण में राज्य की प्रगति का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके।
हरेला पर्व पर सरकार के इस सामूहिक प्रयास से जहां आमजन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, वहीं उत्तराखंड की हरित विरासत को भी और मजबूती मिलेगी।
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Chief Editor, Aaj Khabar



