Haldwani: हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में जिला कौशल एवं अप्रेन्टिसशिप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कौशल विकास कार्यक्रमों को समयानुकूल और रोजगारोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो प्रशिक्षण कोर्स वर्तमान समय में अप्रचलित हो चुके हैं, उन्हें हटाया जाए और उनकी जगह ऐसे कोर्स शुरू किए जाएं जिनकी बाजार में वास्तविक मांग है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक या किताबी ज्ञान तक सीमित न रहा जाए, बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। इससे प्रशिक्षार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों में समस्याओं को समझने और समाधान करने का अनुभव मिलेगा, जो रोजगार प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने जनपद की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि गौला, नंधौर और कोसी नदियों के आसपास माइनिंग गतिविधियां बड़े पैमाने पर संचालित होती हैं, लेकिन इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी बनी रहती है। इसे देखते हुए युवाओं को सुपरवाइजर, माइनिंग मेट जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने आधुनिक युग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एआई, एसी मैकेनिक, सोलर लाइट रिपेयरिंग, पॉली हाउस निर्माण और पर्यटन क्षेत्र में गाइड जैसे कोर्सों को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के प्रत्येक ब्लॉक के विद्यालयों में काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि 10वीं और 12वीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं समय रहते कौशल विकास योजनाओं से जुड़ सकें।
फल उत्पादन वाले क्षेत्रों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फलों की ग्रेडिंग के लिए कुशल कर्मियों की कमी है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देते हुए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।
बैठक में उद्योग, प्रशिक्षण, श्रम और वाणिज्य से जुड़े विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे और कौशल विकास को और प्रभावी बनाने को लेकर विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।

Chief Editor, Aaj Khabar
