New Delhi: अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद मध्य-पूर्व में हालात युद्ध जैसे हो गए हैं। लगातार हवाई हमलों और जवाबी मिसाइल हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
हमलों के जवाब में ईरान ने मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजराइल को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागी हैं। क्षेत्र में सायरन, धमाकों और सैन्य गतिविधियों के बीच आम नागरिकों में दहशत का माहौल है।
इस गंभीर स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी संघर्ष में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दुश्मनी को जल्द समाप्त करने और तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से भी बातचीत की। उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही इस मुश्किल समय में यूएई के साथ भारत की एकजुटता दोहराई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आभार जताया।
सूत्रों के अनुसार, संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत की खबरों के बाद हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। इसके बाद ईरान ने खुली जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार अपील कर रहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्ष संयम बरतें। फिलहाल मिडिल-ईस्ट में सैन्य गतिविधियां तेज हैं और स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।

Chief Editor, Aaj Khabar
