Uttarakhand: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में बुधवार को विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के जोरदार विरोध और हंगामे के बीच 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और सभी 10 विधेयक पारित कर दिए गए। सदन की कार्यवाही दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही विधानसभा सत्र का समापन हो गया।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की 210 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े मामले को लेकर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग उठाई। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए काले कपड़े लहराए।
विरोध के दौरान विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और कागज फेंककर अपना विरोध जताया। कांग्रेस विधायकों ने ‘फर्जीवाड़ा करने वाली यह सरकार, नहीं चलेगी’, ‘झूठी घोषणाएं करने वाली यह सरकार, नहीं चलेगी’ और ‘उत्तराखंड को लूटने वाली यह सरकार, नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए।
हंगामे के बीच पारित हुए बजट और विधेयक
विपक्ष के विरोध और शोर-शराबे के बावजूद सदन में विधायी कार्यवाही पूरी की गई। 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के साथ सभी 10 विधेयकों को पारित कर दिया गया।
इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन को प्राप्त 17 सूचनाओं का उल्लेख किया और फिर कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
विधानसभा सत्र के दौरान निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को अपनी सदस्यता से इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने घोषणा की कि वह आगामी विधानसभा चुनाव जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे।
उमेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भाजपा या कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे। उनके इस्तीफे और आगामी चुनाव को लेकर की गई घोषणा ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
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Chief Editor, Aaj Khabar
