Dehradun: उत्तराखंड में हुए यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि लाखों बेरोजगार युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नकल माफिया तंत्र के आगे प्रदेश सरकार पूरी तरह बेबस साबित हो रही है।
यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इस गंभीर प्रकरण को संजीदगी से लेने की बजाय इसे सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा पेपर लीक मामले को ‘नकल जिहाद’ बताना उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
उन्होंने परीक्षा केंद्र आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां कुल 18 कमरे थे, लेकिन जैमर सिर्फ 15 में लगाए गए थे। अभियुक्त जिस कमरे में बैठा था, वहां जैमर नहीं था। यह संयोग था या सुनियोजित साजिश, यह जांच का विषय है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मामला सिर्फ पेपर लीक का नहीं बल्कि लाखों युवाओं के सपनों की हत्या है। उन्होंने पूछा कि जिम्मेदारी उन अधिकारियों से क्यों नहीं तय की जा रही जिन्होंने इस केंद्र को स्वीकृति दी? क्यों नहीं हुई पहले से तकनीकी जांच?
उन्होंने कहा कि सरकार ने भले ही एसआईटी का गठन किया है, लेकिन भाजपा से जुड़े नामों के सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच की संभावना संदिग्ध हो गई है। इसलिए उन्होंने मांग की कि परीक्षा को निरस्त करते हुए इस प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और युवाओं का विश्वास कायम रह सके।

Chief Editor, Aaj Khabar
