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Dehradun: देहरादून में MTS-हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, अंडरग्राउंड चैंबर से चल रहा था 10 लाख में पास कराने का रिमोट नेटवर्क

Dehradun: देहरादून में MTS-हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, अंडरग्राउंड चैंबर से चल रहा था 10 लाख में पास कराने का रिमोट नेटवर्क
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Dehradun: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल पर सख्ती के बीच राज्य एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी चयन आयोग की मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) एवं हवलदार भर्ती परीक्षा-2025 के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त अभियान में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 10 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा आयोजित यह परीक्षा उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही थी। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने संयुक्त रूप से देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान परीक्षा लैब के समीप यूपीएस रूम में 24×24 इंच का अंडरग्राउंड चैंबर बनाकर उसमें दो लैपटॉप और राउटर स्वचालित रूप से संचालित पाए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन लैपटॉप को रिमोटली एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे और अभ्यर्थियों को नकल कराई जा रही थी। एसटीएफ ने सभी तकनीकी उपकरण कब्जे में लेकर परीक्षा केंद्र को सील कर दिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों को पास कराने का लालच देकर प्रत्येक से करीब 10 लाख रुपये की मांग करता था। अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से उनके कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस कर पेपर हल किया जाता था। मामले में नीतिश कुमार (देवरिया, हाल निवासी दिल्ली) और भास्कर नैथानी (देहरादून) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा नकल विरोधी अधिनियम-2023, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।

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