Dehradun: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। कुल 20 मदों पर चर्चा के बाद सरकार ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने वाले निर्णय लिए।
बैठक की शुरुआत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को नमन करते हुए हुई। मुख्यमंत्री धामी ने इसे भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्र के प्रति अटूट संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर नागरिक इस गौरवपूर्ण क्षण में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्र के साथ खड़ा है।
महत्वपूर्ण प्रस्तावों में ये फैसले शामिल रहे:
1. स्ट्रीट चिल्ड्रन पॉलिसी को मंजूरी:
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य में स्ट्रीट चिल्ड्रन के लिए नीति को स्वीकृति दी गई है। इस नीति का उद्देश्य बेसहारा बच्चों के पुनर्वास और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
2. मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना:
निराश्रित और एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। पहले चरण में 2000 महिलाओं को शामिल किया जाएगा। महिलाएं दो लाख रुपये तक का उद्यम प्रोजेक्ट बना सकेंगी, जिसमें सरकार 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। इस योजना के तहत कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, ब्यूटी पार्लर जैसे कार्य शामिल किए गए हैं। इसके लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
3. पोल्ट्री फार्मिंग नीति:
राज्य में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई पोल्ट्री फार्मिंग नीति को मंजूरी दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में 40% और मैदानी क्षेत्रों में 20% सब्सिडी दी जाएगी। हरियाणा मॉडल के आधार पर राज्य में 35 अंडा उत्पादक और 20 ब्रॉयलर यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, जिससे 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
4. ऊर्जा क्षेत्र में सुधार:
मैकेंजी कंपनी की रिपोर्ट के आधार पर यूपीसीएल में सुधार के लिए नीति को स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता में वृद्धि और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना है।
5. सचिवालय प्रशासन:
मुख्यमंत्री राहत कोष की धनराशि अब उस बैंक में जमा की जाएगी जो अधिकतम ब्याज देगा।
6. पशुधन प्रबंधन:
सड़कों पर घूम रहे गौवंश के लिए नई नीति के तहत अब पशुपालन विभाग ही जिम्मेदार होगा। प्रस्ताव अब जिला स्तर पर ही स्वीकृत होंगे। एनजीओ को 40% खर्च करना होगा जबकि सरकार 60% सब्सिडी देगी, जिससे गौशालाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
7. किशोर न्याय निधि नियमावली:
किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 110 के अंतर्गत निधि के उपयोग हेतु नियमावली को स्वीकृति दी गई।
8. जीएसटी सेवा नियमावली:
संयुक्त आयुक्त के पद के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार द्वारा लिए गए ये निर्णय सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।
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Chief Editor, Aaj Khabar
