Dehradun: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और भाजपा सरकार की नाक के नीचे लूट, घोटाले और गबन की घटनाएं बेधड़क चल रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से सहकारिता विभाग में हुए एक बड़े घोटाले की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हल्द्वानी की बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत मिनी बैंक में 6 करोड़ रुपये से अधिक का गबन सामने आया है।
श्री आर्य ने कहा कि इस मामले में जिला सहायक निबंधक, सचिव एवं प्रशासक की संलिप्तता की खबरें सामने आई हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तक इस पर कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह राशि आम जनता की गाढ़ी कमाई की थी, और एक वर्ष बीत जाने के बाद भी केवल आंशिक धनराशि ही जमा कराई गई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिला सहकारी बैंक की इस मामले में चुप्पी क्यों है, और किस प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में शासन-प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। श्री आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि जब किसानों से ऋण वसूली की बात आती है, तो प्रशासन तुरंत कड़ी कार्रवाई करता है, लेकिन इस बड़े घोटाले में अभी तक एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिला विकास अधिकारी (सीडीओ) बैंक की प्रशासक हैं, और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या यह मामला उनकी जानकारी में है या नहीं।
नेता प्रतिपक्ष ने इस घोटाले को भाजपा सरकार की विफलता और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रदेश में रामराज्य के नाम पर भ्रष्टाचार का साम्राज्य स्थापित हो गया है। विभागों, संस्थाओं, टेंडरों और भर्तियों में हर ओर खुली लूट मची हुई है।
श्री आर्य ने मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जनता की धनराशि ब्याज सहित वसूली जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाएगी।
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Chief Editor, Aaj Khabar
