Dehradun: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ दी गई हैं। उन्होंने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट इलाके की पर्यटन विभाग की जमीन को कौड़ियों के भाव लीज पर देने के मामले को राज्य का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।
आर्य ने बताया कि लगभग 30 हजार करोड़ रुपये मूल्य की इस जमीन को मात्र 1 करोड़ रुपये सालाना किराए पर ‘राजस एरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंपा गया। उन्होंने दावा किया कि यह कंपनी पतंजलि समूह से जुड़ी है और टेंडर प्रक्रिया केवल इसे लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 762 बीघा यानी करीब 5744566 वर्ग मीटर भूमि को 15 साल के लिए लीज पर दिया गया, जबकि सरकारी सर्किल रेट के अनुसार इसका मूल्य लगभग 2757 करोड़ रुपये बैठता है। बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन विकसित करने के लिए एशियाई विकास बैंक से 23 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर खर्च किया गया, लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार ने इसे औने-पौने किराए पर सौंप दिया।
आर्य ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल तीनों कंपनियां आपस में जुड़ी हुई थीं और दो कंपनियां तो योग्यता मानकों पर खरी ही नहीं उतरती थीं। बावजूद इसके उन्हें टेंडर में शामिल किया गया, जो कि 2017 की प्रोक्योरमेंट नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन था।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने कब्जा करने के बाद स्थानीय रास्तों को बंद कर दिया और पार्किंग व सड़क उपयोग के नाम पर भारी शुल्क वसूला जा रहा है। इससे स्थानीय लोग परेशान हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई या किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति से कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि राज्य की जनता के सामने सच्चाई आ सके।

Chief Editor, Aaj Khabar
