Dehradun: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की रविवार को आयोजित परीक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रदेशभर के 445 केंद्रों पर सुबह 11 बजे शुरू हुई परीक्षा का प्रश्न पत्र मात्र 35 मिनट बाद ही लीक हो गया।
आयोग के चेयरमैन गणेश शंकर मर्तोलिया ने स्वीकार किया कि प्रश्न पत्र के पहले तीन पन्ने बाहर आए हैं, लेकिन यह कैसे हुआ, इसका जवाब अब तक स्पष्ट नहीं है। इस घटना से बेरोजगार युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। मेहनत से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि नकल माफिया और प्रशासन की लापरवाही उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही एसटीएफ और स्पेशल ऑपरेशंस टीम ने कुख्यात नकल माफिया हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को देहरादून से गिरफ्तार किया था। हाकम सिंह पहले भी 2021 की स्नातक स्तरीय परीक्षा, वन दरोगा भर्ती और सचिवालय रक्षक भर्ती में पेपर लीक मामलों में शामिल रह चुका है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार और आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हर बार पेपर लीक होना सरकार और आयोग की नाकामी है। उन्होंने कहा कि सरकार की कमजोर पैरवी के कारण हाकम सिंह जैसे आरोपियों को जमानत मिल जाती है और वे जेल से बाहर आकर दोबारा उसी धंधे में लग जाते हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी से खिलवाड़ है। सरकार और आयोग को इसका जवाब देना ही पड़ेगा।

Chief Editor, Aaj Khabar
