Haldwani: केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्द्धसैनिक बलों के भव्य सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अर्द्धसैनिक बलों के जवान वीरता, साहस और देशभक्ति के स्थायी प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “सैनिक कभी भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक ही रहता है। आप सभी भूतपूर्व नहीं, अभूतपूर्व हैं।”
सीएम धामी ने बताया कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों की चुनौतियों को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व है कि शहीदों के परिजनों को किसी भी परिस्थिति में कठिनाई न आए।
राज्य सरकार की बड़ी घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने अर्द्धसैनिक बलों और शहीद परिवारों के सम्मान में कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की—
- शहीदों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।
- वीरता पुरस्कार—अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र के सम्मान में दी जाने वाली राशि में वृद्धि।
- इस वर्ष 10 नए शहीद स्मारक स्वीकृत।
- शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजन की व्यवस्था।
- अर्द्धसैनिक बलों के कल्याण हेतु बड़ी घोषणाएँ:
- भविष्य में प्रेजिडेन्ट पुलिस मेडल-गैलेन्ट्री से अलंकृत जवान को 5 लाख रुपये की अनुदान राशि।
- जिन पूर्व अर्द्धसैनिकों/वीर नारियों के पास अचल संपत्ति नहीं है, उन्हें 25% तक स्टाम्प शुल्क छूट।
- उत्तराखण्ड राज्य अर्द्धसैनिक बल कल्याण परिषद को क्रियाशील किया जाएगा।
- सैनिक कल्याण निदेशालय में उपनिदेशक (अर्द्धसैनिक) तथा बड़े जिलों में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत।
- अर्द्धसैनिक बलों के बच्चों को विवाह के लिए सैनिकों के समान आर्थिक सहायता।
- सीजीएचएस भवन निर्माण हेतु भूमि चयन के निर्देश।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना का आधुनिकीकरण तेजी से हो रहा है और भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के स्वदेशी हथियारों की ताकत को दुनिया के सामने साबित किया।
उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध बसावट, लैंड जिहाद और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं—10 हजार एकड़ से अधिक भूमि कब्जामुक्त की गई और 550 अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है।
समान नागरिक संहिता, कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा-रोधी कानून ने आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।


Chief Editor, Aaj Khabar
