गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरा बदमाश
Haldwani: उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “मिशन ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान के तहत मुखानी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे जिलाबदर अपराधी तपन दास को 20 अवैध नशीले इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मुखानी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान 22 जून 2026 की शाम कमालवागांजा रोड स्थित स्टील फैक्ट्री के पास एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली तो उसके कब्जे से 20 अवैध नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय तपन दास पुत्र विनोद दास निवासी गणपति विहार, शिव मंदिर के पास, कमालवागांजा रोड, हरिपुर नायक, मुखानी के रूप में हुई है। आरोपी मूल रूप से बिठोरिया नंबर-1 क्षेत्र का निवासी है।
पुलिस के अनुसार तपन दास एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पूर्व में उसके विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा उसे जिलाबदर भी किया गया था। इसके बावजूद आरोपी प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी कर क्षेत्र में सक्रिय रहा और अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ थाना मुखानी में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2019 में उसके खिलाफ धारा 401 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2020 में लूट और चोरी के माल की बरामदगी, वर्ष 2021 में चोरी और आर्म्स एक्ट तथा वर्ष 2023 में लूट के मामले में भी मुकदमे दर्ज किए गए। इसके अलावा वर्ष 2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह नशीले इंजेक्शन कहां से लाता था और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाने की योजना थी।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपा जोशी, कांस्टेबल रोहित कुमार और कांस्टेबल रविंद्र खाती शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

Chief Editor, Aaj Khabar
