Haldwani: आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के नेत्र रोग विभाग द्वारा आंखों की उचित देखभाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा अवधि में लंबे समय तक पढ़ाई के कारण आंखों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से छात्रों को बचाना है।
नेत्र रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन मेहरोत्रा ने बताया कि लगातार कई घंटों तक अध्ययन करने से आंखों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे थकान, जलन और दृष्टि संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के दौरान नियमित अंतराल पर आंखों को आराम दें और पर्याप्त व सही प्रकाश व्यवस्था में ही अध्ययन करें, ताकि आंखों पर अनावश्यक जोर न पड़े।
उन्होंने मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील करते हुए 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह दी। इसके तहत हर 20 मिनट की डिजिटल पढ़ाई के बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखने से आंखों की थकान कम होती है और दृष्टि सुरक्षित रहती है।
डॉ. मेहरोत्रा ने बताया कि आंखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, मौसमी फल, दूध, सूखे मेवे और विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ आंखों के लिए लाभकारी होते हैं। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन पर्याप्त नींद लेने पर भी जोर दिया, क्योंकि नींद की कमी से आंखों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी कि यदि आंखों में लगातार दर्द, लालिमा, जलन, पानी आना या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हों, तो बिना देरी किए नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें और स्वयं दवा लेने से बचें।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जी. एस. तितियाल ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं। इस समय पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। आंखें अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए उनकी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वस्थ आंखों और स्वस्थ शरीर के साथ ही परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन संभव है।

Chief Editor, Aaj Khabar
