Haldwani: हल्द्वानी शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त स्वरूप देने की दिशा में जिला प्रशासन ने विकास कार्यों की गति तेज कर दी है। शुक्रवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने यूयूएसडीए, सिंचाई, जल संस्थान, पेयजल निगम, विद्युत, एचपीसीएल समेत विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे सड़क चौड़ीकरण, सीवर लाइन, पेयजल एवं गैस पाइपलाइन, यूटिलिटी डक्ट शिफ्टिंग और सौंदर्यीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्तमान में चल रहे सभी विकास कार्यों को दोगुनी क्षमता से दो शिफ्टों—दिन और रात्रि—में संचालित किया जाए। कार्यदायी संस्थाओं को 13 मार्च 2026 तक लक्षित कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह समन्वय बैठक कर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। एनओसी से संबंधित प्रकरण भी बैठक में ही निस्तारित करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देशित किया कि जिन आंतरिक मार्गों में सड़क, सीवर और पेयजल कार्य प्रगति पर हैं, वहां पहले कार्य पूर्ण कर सड़क निर्माण प्राथमिकता से कराया जाए, उसके बाद ही नए क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि आमजन को असुविधा न हो। सुरक्षा के दृष्टिगत सभी कार्यस्थलों पर साइनेज, बैरिकेडिंग, लाइटिंग और सैंडबैग अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कुसुमखेड़ा चौराहा, लामाचौड़, हनुमान मंदिर तथा मंडी निकट शनिबाजार चौराहे पर अतिक्रमण हटने के बाद डीपीआर के तहत 13 मार्च से पूर्व सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंडी गेट के समीप पुलिस चौकी शिफ्ट करने हेतु 25 लाख रुपये की धनराशि दो दिन में मंडी परिषद को हस्तांतरित करने को कहा गया, जिससे चौराहे का चौड़ीकरण शीघ्र प्रारंभ हो सके। पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए।
सड़क चौड़ीकरण के प्रथम चरण में तीनपानी से मंडी गेट तक कार्य होली के बाद प्रारंभ किया जाएगा, इसके बाद तीनपानी से कालटैक्स तक चौड़ीकरण होगा। इस दौरान विद्युत पोल, जल संस्थान एवं पेयजल पाइपलाइन शिफ्टिंग साथ-साथ सुनिश्चित करने को कहा गया। तिकोणिया से काठगोदाम तक सड़क की जद में आने वाले वृक्षों की लॉपिंग तथा पीपल के वृक्षों को अन्यत्र शिफ्ट करने की कार्ययोजना भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जमरानी बांध परियोजना के अंतर्गत काठगोदाम से तुमड़ियाडाम तक प्रस्तावित नहर निर्माण में शीशमहल के पास फिल्टर हाउस के पानी से उत्पन्न व्यवधान के समाधान हेतु शेष पानी को गौला नदी में डायवर्ट करने की कार्यवाही समन्वय से करने के निर्देश दिए गए, ताकि पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक 10 दिन में विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी और अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया।

Chief Editor, Aaj Khabar
