Dehradun: उत्तराखण्ड एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने जेल में बंद कुख्यात बदमाश सुनील राठी के दो सक्रिय शूटरों को गिरफ्तार कर बड़े प्रॉपर्टी रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी राठी के इशारे पर हरिद्वार और देहरादून की विवादित संपत्तियों में हस्तक्षेप कर धन उगाही कर रहे थे। मामले में हरिद्वार के एक विवादित प्रॉपर्टी डीलर का नाम भी सामने आया है, जो लगातार राठी के संपर्क में बताया जा रहा है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में भानू चौधरी पुत्र आलोक कुमार निवासी मील्स न्यू कॉलोनी, थाना सदर, जनपद सहारनपुर (यूपी) तथा पारस पुत्र जगपाल सिंह निवासी प्रेमपुरी, थाना कोतवाली, जनपद मुजफ्फरनगर (यूपी) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार पारस पूर्व में मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा गैंग का सक्रिय शूटर रह चुका है और उनकी मृत्यु के बाद सुनील राठी गैंग से जुड़ गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंग हरिद्वार और देहरादून में विवादित प्रॉपर्टियों को चिन्हित कर जबरन दखल, धमकी और दबाव के जरिए मोटी रकम वसूल रहा था। कुछ व्यापारियों को भी कथित तौर पर परेशान किए जाने की बात प्रकाश में आई है।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि हरिद्वार का एक नामी प्रॉपर्टी डीलर, जो पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका है, लगातार राठी के संपर्क में था और विवादित संपत्तियों के सौदों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। सूत्रों के मुताबिक संबंधित डीलर कनखल क्षेत्र में निवास करता है और बीते वर्षों में विवादित जमीनों के सौदों से करोड़ों रुपये कमाने की चर्चा है।
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अब आरोपियों के देहरादून आगमन, संभावित वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों के दस्तावेजी ट्रेल और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका की गहन जांच में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Chief Editor, Aaj Khabar
