Haldwani: हल्द्वानी स्थित कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में रक्त रोग चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। अस्पताल के क्लिनिकल हेमैटोलॉजिस्ट, हेमेटो-ऑन्कोलॉजिस्ट एवं बोन मैरो प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. तुषार पांडे के नेतृत्व में हेमैटोलॉजी टीम ने थ्रोम्बोटिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पर्पुरा (टीटीपी/एमएएचए) जैसी अत्यंत गंभीर और जानलेवा हेमैटोलॉजिकल इमरजेंसी का रिकॉर्ड समय में सटीक निदान व सफल उपचार कर मरीज को सुरक्षित रूप से घर डिस्चार्ज किया।
यह स्तर की प्रिसीजन और त्वरित उपचार व्यवस्था सामान्यतः एम्स, पीजीआई या मेट्रो शहरों तक सीमित मानी जाती रही है, लेकिन कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने इसे हल्द्वानी में ही संभव कर एक नया मानक स्थापित किया है।
मरीज को पहले उच्च स्तरीय हेमैटोलॉजी केंद्र रेफर करने की सलाह दी गई थी, लेकिन वह समय रहते डॉ. तुषार पांडे की ओपीडी तक पहुंची। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी, जिसमें चेतना स्तर में बदलाव, सामान्यीकृत दौरे और पीलिया शामिल थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ ही घंटों के भीतर विस्तृत क्लिनिकल, रेडियोलॉजिकल और प्रयोगशाला जांच शुरू की गई, जिससे टीटीपी (एमएएचए) का तत्काल निदान संभव हो पाया। डॉ. पांडे के अनुसार यदि कुछ घंटों की भी देरी होती, तो मरीज की जान जा सकती थी।
निदान होते ही हेमैटोलॉजी टीम ने तुरंत और निर्णायक उपचार शुरू किया। इसमें प्लाज्मा एक्सचेंज थेरेपी की तत्काल शुरुआत, प्रारंभिक प्रतिरक्षात्मक चिकित्सा, उच्च मात्रा में इम्यूनोसप्रेशन, निरंतर न्यूरोलॉजिकल और बायोकेमिकल मॉनिटरिंग तथा गहन चिकित्सा इकाई आधारित, हेमैटोलॉजी-नेतृत्वित निर्णय प्रक्रिया शामिल रही। यह उपचार प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि प्रिसीजन इमरजेंसी हेमैटोलॉजी का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
इस जटिल केस की सफलता में समन्वित टीमवर्क की अहम भूमिका रही। डॉ. तुषार पांडे ने डॉ. रोहित गोयल, डॉ. मनमीत कौर और डॉ. संतोष दास का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी विशेषज्ञों ने समान गति, त्वरित निर्णय और सक्रिय भागीदारी के साथ उपचार को सफल बनाया।
उच्च जोखिम और चुनौतीपूर्ण उपचार प्रक्रिया के बावजूद मरीज की हालत में लगातार सुधार हुआ और अंततः उसे पूरी तरह स्थिर अवस्था में घर डिस्चार्ज किया गया।
डॉ. पांडे ने कृष्णा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में प्रिसीजन इमरजेंसी हेमैटोलॉजी को संभव बनाने के लिए अस्पताल के दूरदर्शी नेतृत्व डॉ. जे. एस. खुराना के सहयोग के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
डॉ. तुषार पांडे ने कहा कि बड़े संस्थानों के समान स्तर की हेमैटोलॉजिकल इमरजेंसी केयर को हल्द्वानी में उपलब्ध कराना उनका सपना था, जो अब साकार हुआ है। यह उपलब्धि हल्द्वानी में हेमैटोलॉजी केयर के लिए एक नया बेंचमार्क है।
इस जटिल और जीवनरक्षक उपचार में प्रकाश मेहता स्वर्गीय बल किशन देवकी जोशी चैरिटेबल ब्लड सेंटर की भी अहम भूमिका रही। ब्लड सेंटर के को डायरेक्टर द्वारा समय पर आवश्यक रक्त अवयवों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जिससे प्लाज्मा एक्सचेंज और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं बिना किसी देरी के संभव हो सकीं। संकट की इस घड़ी में ब्लड सेंटर की तत्परता, समन्वय और सहयोग ने मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके लिए अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा टीम ने आभार व्यक्त किया।

Chief Editor, Aaj Khabar
