Haldwani: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद हल्द्वानी में मानसून से पहले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सोमवार को कैम्प कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मानसून से पूर्व सभी तैयारियां हर हाल में पूरी की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जलभराव वाले सभी संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल प्रभाव से ठोस योजना बनाकर शासन को भेजी जाए, ताकि वर्षाकाल में आम जनता को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
बैठक में बताया गया कि हल्द्वानी नगर में 6 प्रमुख नालों के कारण हर साल जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। इन नालों के साथ-साथ छोटे-बड़े सभी नालों की निकासी के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। नगर निगम के पुराने और नए वार्डों में इस समस्या के स्थायी समाधान को प्राथमिकता दी गई।
जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट, अधिशासी अभियंता सिंचाई और यूयूएसडीए के परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिए कि वे तीन दिन के भीतर हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र, उससे जुड़े ग्रामीण वार्डों और रामनगर क्षेत्र के सभी जलभराव प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर डीपीआर तैयार करें।
बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता महेश खरे ने जानकारी दी कि रकसिया नाले में ओवरफ्लो की समस्या के समाधान हेतु कार्य प्रगति पर है और डीपीआर तैयार की जा रही है। वहीं चौफुला चौराहे से पनियाली तक नहर कवरिंग का कार्य पूरा हो चुका है। कलसिया नाले की सफाई और काठगोदाम स्थित देवखड़ी नाले के कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामनगर क्षेत्र के चोरपानी, गौजानी, पदमपुरी, भरतपुरी, लखनपुरी और मालधनचौड़ क्षेत्रों में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए भी डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, चोरपानी और गौजानी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर समाधान कर लिया गया है, जबकि मालधनचौड़ में प्रस्तावित कार्यों से सात गांवों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि गांवों में जल निकासी व्यवस्था बेहतर हो और किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े। सभी स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

Chief Editor, Aaj Khabar
