Haldwani: मणिपुर के उखरूल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा असम राइफल्स के काफिले पर किए गए कायराना आतंकी हमले में उत्तराखंड के वीर सपूत वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल शहीद हो गए। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा चित्राशिला घाट के लिए रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार, उखरूल जिले के मुंगशांग खोंग क्षेत्र में उग्रवादियों ने पहले असम राइफल्स के काफिले को आईईडी विस्फोट से निशाना बनाया। विस्फोट के बाद आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल और हवलदार चंद्रमोहन सिंह मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
शहीद बलवंत सिंह खेतवाल मूल रूप से उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के टूपेड (वन डूंगरा) गांव के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित अंबिका विहार (बकुलिया गांव) में निवास करता है। वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए बलवंत सिंह खेतवाल ने अपने 35 वर्ष के सैन्य जीवन में विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में देश की सेवा की। वर्तमान में वे असम राइफल्स की 40वीं बटालियन में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे।
अपने पीछे वे पत्नी संगीता, एक पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी शहादत की खबर से परिवार, गांव और पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है।
मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र के लिए अविस्मरणीय बताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

Chief Editor, Aaj Khabar
