New Delhi: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, आतंकवाद, आधुनिकीकरण और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी। यह प्रेस वार्ता भारतीय सेना के स्थापना दिवस से पहले आयोजित की गई।
सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि IB और LoC के सामने कुल आठ आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जहां ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सेना हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और यदि आतंकियों की ओर से कोई भी गलती हुई तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तरी सीमाओं पर स्थिति को लेकर जनरल द्विवेदी ने कहा कि चीन के साथ हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। उच्च स्तर पर चल रही बातचीत से सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सेना की तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद महज 22 मिनट में ‘ऑपरेशन रीसेट’ के तहत जवाबी कार्रवाई की गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है और पाकिस्तान की ओर से भविष्य में किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवेदनशील जरूर है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है।
पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि मणिपुर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। सुरक्षा बलों और सरकार के संयुक्त प्रयासों से स्थिति में सुधार आया है। म्यांमार में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत और म्यांमार की सेनाओं के बीच सहयोग और बेहतर होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर पूर्वोत्तर राज्यों में हालात पहले से बेहतर हैं।
आधुनिकीकरण को सेना की प्राथमिकता बताते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन्नत ब्रह्मोस मिसाइल, अत्याधुनिक ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन जल्द सेना के बेड़े में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अब 90 प्रतिशत से अधिक गोला-बारूद स्वदेशी रूप से तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही CMP के बाद अब AEC और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) शाखाओं में भी महिलाओं की सैनिक और अग्निवीर के रूप में भर्ती की जाएगी।
सेना प्रमुख ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 को सेना ने ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष’ घोषित किया है, जिससे रियल-टाइम निर्णय क्षमता और युद्धक प्रभावशीलता को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सेना स्वदेशी तकनीक, संयुक्तता और नवाचार के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

Chief Editor, Aaj Khabar
