New Delhi: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक 2026 के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी प्रदर्शन और अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जेन-जी को गुमराह करने का प्रयास किया गया, जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
प्रधान ने कहा कि जेन-जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्हें पद से कोई व्यक्तिगत लगाव नहीं था। भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले 10 वर्षों में करीब 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। इन युवाओं की अपनी आकांक्षाएं हैं और यही युवा भारत को विश्व गुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
ओडिशा के रायराखोल में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान प्रधान ने बीजू जनता दल के विरोध प्रदर्शन और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। एयरपोर्ट के पास बीजद के युवा और छात्र कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए ‘धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ’ के नारों पर उन्होंने कहा कि वह ऐसे विरोध से परेशान नहीं हैं।
प्रधान ने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं। अगर आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तो मैं वापस आऊंगा।”
उन्होंने नवीन पटनायक पर उनके खिलाफ युवाओं को विरोध प्रदर्शनों में शामिल करने का आरोप लगाया। प्रधान ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा होना पड़े। उन्होंने कहा कि वह भले ही राज्य का नाम रोशन करने का दावा न करें, लेकिन उन्होंने अपने काम से कभी ओडिशा को बदनाम नहीं किया और भविष्य में भी ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे राज्य की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।
प्रधान ने कहा कि करीब 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की देवी मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से वह केंद्रीय मंत्री बने थे। उन्होंने बताया कि बीजद के विरोध को देखते हुए उन्होंने ओडिशा विधानसभा में बीजद के उपनेता प्रसन्ना आचार्य से सलाह ली थी कि उन्हें कार्यक्रम में जाना चाहिए या नहीं। प्रसन्ना आचार्य के आश्वासन के बाद ही वह कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं, बीजद के संबलपुर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि किसी ने प्रधान को बदनाम नहीं किया, बल्कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित ज्यादती के कारण उनकी आलोचना हुई।
रोहित पुजारी ने सवाल उठाया कि छात्र आंदोलन से निपटने के तरीके को लेकर हो रही आलोचना के लिए धर्मेंद्र प्रधान नवीन पटनायक को जिम्मेदार क्यों ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के कारण ही प्रधान के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली।

Chief Editor, Aaj Khabar
