New Delhi: भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें सीधे साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने शानदार करियर में राष्ट्रमंडल खेलों में 15 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। एशियाई खेलों में भी उन्होंने चार स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। वर्ष 2006 के दोहा एशियाई खेलों में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर इतिहास रचा था।
हाल के वर्षों में वह भारतीय शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्य कर रहे थे और डबल ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर सहित कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके थे। उनके मार्गदर्शन में भारतीय शूटिंग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलताएं हासिल कीं।
उत्तराखंड के गढ़वाली परिवार में वर्ष 1976 में जन्मे जसपाल राणा को शुरुआती प्रशिक्षण उनके पिता नारायण सिंह राणा ने दिया था, जिन्होंने 1971 के युद्ध में भी भाग लिया था। कम उम्र में ही असाधारण प्रतिभा दिखाने वाले जसपाल राणा को वर्ष 1994 में अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 1997 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें मदर टेरेसा द्वारा राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार तथा उत्तराखंड गौरव सम्मान से भी नवाजा गया था।
खेलों के अलावा उन्होंने देहरादून में जसपाल राणा शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना कर युवाओं को खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया। वे समय-समय पर सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी सक्रिय रहे।
जसपाल राणा के निधन की खबर से पूरे देश, विशेषकर उत्तराखंड में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत अनेक नेताओं, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। भारतीय खेल जगत ने आज अपने सबसे प्रतिष्ठित निशानेबाजों में से एक को खो दिया।

Chief Editor, Aaj Khabar
