New Delhi: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में उठाते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया और कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा आयोजित हुई थी, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया था। इसके बाद 11 अगस्त को श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के कार्यकर्ताओं ने उस मंच का हवन और पूजन कर शुद्धिकरण किया, जहां से खड़गे ने भाषण दिया था।
राज्यसभा में मुद्दा उठाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उनके भाषण में किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया गया और केवल सरकार से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। खड़गे ने सवाल उठाया कि उनके भाषण के बाद मंच को शुद्ध करने के लिए हवन किया जाना लोकतंत्र और संविधान के लिहाज से कितना उचित है। उन्होंने इस मामले में अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी उठाई।
खड़गे के बयान पर राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि घटना बेहद दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। नड्डा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो कुछ हुआ है, उसकी पूरी जानकारी सामने लाई जाएगी।
वहीं, श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष गिरीश पांडे ने मंच के शुद्धिकरण को उचित ठहराते हुए कहा कि रामलीला मैदान एक सांस्कृतिक मंच है। उनके अनुसार, यहां राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया और मंच से ऐसे नारे लगाए गए, जिन्हें उनके मुताबिक वहां नहीं लगाया जाना चाहिए था। इसी कारण संगठन के कार्यकर्ताओं ने मंच का शुद्धिकरण किया।
मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण करने वाले लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं और यह घटना भाजपा की सोच को दर्शाती है। गोदियाल ने इस मामले को लेकर नैनीताल पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मंच के शुद्धिकरण से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर राज्यसभा तक पहुंच गया है। खड़गे की मांग और जेपी नड्डा के जांच के आश्वासन के बाद इस मामले पर सियासी हलकों में हलचल और बढ़ गई है।

Chief Editor, Aaj Khabar
