New Delhi: लंबे इलाज और स्वास्थ्य लाभ के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अस्पताल से बाहर आते ही उन्होंने सबसे पहले राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है तथा वह धीरे-धीरे सामान्य भोजन भी करने लगे हैं।
राजघाट पर मीडिया से बातचीत में सोनम वांगचुक ने कहा कि 26 दिन के अनशन और आंदोलन के समापन के बाद वह सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि गांधीजी का सत्य और अहिंसा का मार्ग आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना सौ वर्ष पहले था। उनका मानना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन ही जनता के दिल तक संदेश पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
वांगचुक ने देशभर के नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों के सहयोग, समर्थन और एकजुटता के कारण कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन सफल हुआ। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि देशभर के लोगों की साझा आवाज थी, जिसने जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया।
उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान वह कई दिनों तक आमरण अनशन पर रहे। अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, शरीर में धीरे-धीरे ताकत लौट रही है और डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।
सोनम वांगचुक ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी लोग जनहित के मुद्दों पर इसी तरह एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत होती है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी समर्थकों का एक बार फिर धन्यवाद देते हुए “जय हिंद”, “नमस्कार” और “जुले” कहकर अपनी बात समाप्त की।


Chief Editor, Aaj Khabar
