Pithoragarh: कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ, श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने जनपद पिथौरागढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के क्रम में आईजी कुमायूँ ने जनपद में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय जायजा लिया। विशेष रूप से थाना जाजरदेवल के निर्माणाधीन भवन का बारीकी से निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
इसके बाद आईजी ने पुलिस कार्यालय पिथौरागढ़ की विभिन्न शाखाओं—अभिलेख, अपराध और गोपनीय शाखा का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इस दौरान अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, लंबित मामलों के निस्तारण और डिजिटलीकरण की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तेजी से पूरा किया जाए, जिससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके।
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग बेहद आवश्यक है और सभी शाखाओं को समन्वय के साथ काम करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और कार्यालयीन कार्यों में समयबद्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रहलाद कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर एक प्रभावी समीक्षा साबित हुआ, जिसमें पुलिस विभाग में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।


Chief Editor, Aaj Khabar
