॰ आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने किया आवश्यक बल प्रयोग
॰ आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की जमकर की पिटाई
Rudrapur: रुद्रपुर गैंगरेप मामले में क्राइम सीन रिक्रिएट करने के बाद लौट रहे दो आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा कर दोनों को दोबारा दबोच लिया, लेकिन इससे पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रुद्रपुर के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के बाद दो आरोपियों को वापस कोतवाली लेकर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में भारी भीड़ और यातायात के दबाव का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्काल उनका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों के दोबारा पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उन्हें फांसी देने की मांग की। कई लोगों ने आरोपियों पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती गई। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया और आरोपियों को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाली पहुंचाया।
उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने ले जाया गया था। वापसी के दौरान भारी यातायात के कारण पुलिस वाहन अचानक खराब हो गया। दूसरी गाड़ी में आरोपियों को शिफ्ट करते समय उन्होंने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्काल आवश्यक बल प्रयोग करते हुए दोनों को फिर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित कोतवाली लाया गया और न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस हिरासत में होने के बावजूद आरोपियों का भागने का प्रयास करना और भीड़ का उन तक पहुंच जाना सुरक्षा में संभावित चूक की ओर इशारा करता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी पुलिस की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई को रुद्रपुर के सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत एक युवती ने तीन युवकों पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि युवती अपनी एक दोस्त और दो युवकों के साथ भूरारानी रोड पर मौजूद थी, तभी तीन बाइक सवार आरोपी जबरन उन्हें अपने साथ गदरपुर की ओर ले गए। रास्ते में एक युवक और युवती चलती बाइक से कूदकर बच निकले, जबकि पीड़िता और एक युवक को आरोपी अपने साथ ले गए।
आरोप है कि गदरपुर क्षेत्र में पहुंचने के बाद आरोपियों ने युवक को रास्ते में उतार दिया और युवती को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पूरी रात अपने कब्जे में रखने के बाद अगले दिन सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने 27-28 जुलाई की देर रात आरोपियों की तलाश में दबिश दी, जहां आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी गुरबाज के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गुरबाज का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को मंगलवार को क्राइम सीन रिक्रिएट कराने ले जाया गया था, जहां से लौटते समय यह पूरा घटनाक्रम सामने आया।

Chief Editor, Aaj Khabar
