Uttarakhand: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस बहुप्रतीक्षित निर्णय के साथ ही करीब दो साल आठ महीने से न्याय की राह देख रहे अंकिता के परिजनों को इंसाफ मिल गया है।
कोर्ट ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) और 354 (महिला का शील भंग करने का प्रयास) के तहत दोषी ठहराया है। तीनों दोषियों को सजा का ऐलान थोड़ी देर में किया जाएगा।
फैसले के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए थे। कोटद्वार कोर्ट के 200 मीटर के दायरे को पुलिस ने सील कर दिया था, जहां केवल वकील, केस से जुड़े पक्षकार और आवश्यक स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति दी गई थी। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर कोटद्वार में तैनात किया गया था। अदालत परिसर के बाहर सड़कों पर कड़ी बैरिकेडिंग लगाई गई।
सुनवाई के दौरान अंकिता के पिता की आंखों में अपनी बेटी को खोने का दुख साफ झलक रहा था। फैसले से पूर्व उन्होंने कहा था, “उन्होंने मेरी बेटी को मारा है।” उन्होंने उत्तराखंड की जनता को समर्थन देने के लिए हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया। अंकिता की मां ने भी अदालत पर पूर्ण विश्वास जताया था कि उनकी बेटी को न्याय अवश्य मिलेगा।
करीब तीन साल पुराने इस मामले की सुनवाई मार्च 2023 में आरंभ हुई थी। एसआईटी द्वारा दाखिल 500 पन्नों के आरोपपत्र के आधार पर अभियोजन ने 97 गवाहों में से 47 महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत में पेश किया। इनमें जांच अधिकारी समेत कई अहम चश्मदीद शामिल थे। 19 मई को विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी द्वारा बचाव पक्ष की बहस का उत्तर देकर सुनवाई प्रक्रिया को पूर्ण किया गया।
अंकिता भंडारी की हत्या के इस मामले ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का ध्यान खींचा था। आज का दिन परिजनों समेत उन सभी के लिए राहत लेकर आया है, जिन्होंने न्याय की इस लंबी लड़ाई में विश्वास बनाए रखा।
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Chief Editor, Aaj Khabar
