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Uttarakhand: उत्तराखंड में 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, नैनीताल समेत कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

Uttarakhand: उत्तराखंड में 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, नैनीताल समेत कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
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Uttarakhand: भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने 14 से 17 अगस्त तक विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

14 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की भी आशंका है।

15 अगस्त को पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

16 अगस्त को देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। राज्य के अन्य जिलों में भारी बारिश, गरज के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के तेज दौर की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

17 अगस्त को देहरादून, पौड़ी और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज बारिश का येलो अलर्ट है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग की अनुमति न देने, यातायात व्यवस्था नियंत्रित रखने और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

इसके अलावा सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने, राजस्व एवं ग्राम स्तर के अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने, पुलिस एवं थानों को आपदा उपकरणों के साथ हाई अलर्ट पर रखने और अधिकारियों-कर्मचारियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ न रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन को लोगों के फंसे होने की स्थिति में खाद्य सामग्री एवं मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों की सुरक्षा के दृष्टिगत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आवाजाही पर आवश्यक प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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