Dehradun: हरिद्वार से सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मौजूदा हालात में प्रदेश को सुधार की सख्त जरूरत है और किसी भी स्थिति में भाजपा की छवि को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन का फर्ज है कि पार्टी की छवि खराब करने वालों को समय-समय पर चेताया जाए।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों में महीनों से प्राथमिकी दर्ज नहीं हो रही है और रिपोर्टें लंबित हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताकर 47 विधायक और पांच सांसद जिताए हैं, इसलिए जनता के विश्वास को हर हाल में कायम रखना होगा।
कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत के आरोपों को खारिज करते हुए त्रिवेंद्र ने कहा कि भाजपा को 30 नहीं, बल्कि 27 करोड़ रुपये का चंदा मिला है, जो पूरी तरह पारदर्शिता के साथ चेक द्वारा प्राप्त हुआ है और उसका एक-एक हिसाब मौजूद है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी को चंदा मिलता है, इसमें गलत कुछ नहीं, लेकिन पारदर्शिता जरूरी है। भाजपा ने यही किया है।
खनन पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि नियंत्रित और नियमों के दायरे में खनन आवश्यक है। यदि नदियों से खनन नहीं होगा तो खेत-खलिहान कट जाएंगे और राजस्व की भी हानि होगी। मगर अंधाधुंध खनन को गलत ठहराते हुए उन्होंने कहा कि जैसे तालाब से जरूरत भर पानी निकालना सही है, पर पूरा तालाब खाली कर देना अनुचित है।
गैरसैंण में संपन्न मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। कांग्रेस विधायकों द्वारा सदन में अमर्यादित आचरण की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के आसन के सामने बिस्तर लगाकर सोना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर भविष्य में कांग्रेस सत्ता में आई और भाजपा ऐसा आचरण करे तो कांग्रेस को भी यह स्वीकार नहीं होगा।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जनता अपने विश्वास से प्रतिनिधियों को विधानसभा भेजती है। यदि विधायक अपना दायित्व नहीं निभाते तो जनता समय आने पर हिसाब करना भी जानती है।

Chief Editor, Aaj Khabar
