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Dehradun: राज्यपाल अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का हमला, बोले— “विजन नहीं, कन्फ्यूजन डॉक्यूमेंट है सरकार का भाषण”

Dehradun: राज्यपाल अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का हमला, बोले— “विजन नहीं, कन्फ्यूजन डॉक्यूमेंट है सरकार का भाषण” Yashpal arya
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Dehradun: उत्तराखंड विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इसे निराशाजनक, दिशाहीन और वास्तविकता से कटा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक और संसदीय जीवन में उन्होंने इतना कमजोर अभिभाषण पहले कभी नहीं सुना।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण किसी भी सरकार की प्राथमिकताओं, नीतियों और लक्ष्यों का दस्तावेज होता है, जिसमें पिछले वर्ष की उपलब्धियों और कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन इस बार के अभिभाषण में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पिछले वर्षों में निर्धारित लक्ष्यों में से कितने पूरे हुए और कितने अधूरे रह गए।

यशपाल आर्य ने कहा कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार बनने के बाद यह राज्यपाल का पाँचवाँ अभिभाषण है, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी सरकार के पास बताने के लिए ठोस उपलब्धियाँ नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ष अपने घोषित लक्ष्यों को बदल देती है या उनसे पीछे हट जाती है, जिसके कारण प्रदेश को उपलब्धियों के नाम पर कोई ठोस परिणाम नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है और इसके तहत पाँच लाख सत्ताइस हजार आवेदन प्राप्त होने का दावा किया गया है। इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इन आवेदनों में बड़ी संख्या सरकारी कर्मचारियों की बताई जा रही है, जिन्हें पहले से संपन्न विवाहों का पुनः पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने समान नागरिक संहिता के अंतर्गत लिव-इन रिलेशन से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि इससे सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों पर असर पड़ने की आशंकाएँ सामने आ रही हैं।

“लखपति दीदी” योजना को लेकर भी उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार का दावा है कि प्रदेश में ढाई लाख महिलाएँ लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा सही है तो सरकार को इन सभी महिलाओं की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए।

यशपाल आर्य ने राज्य की पर्यटन व्यवस्था और चारधाम यात्रा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पिछले दो यात्रा सीजन में व्यवस्थाओं की कमी के कारण होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों, घोड़ा-खच्चर संचालकों और छोटे व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

इसके साथ ही उन्होंने कृषि और बागवानी योजनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि सब्सिडी और प्रोत्साहन के दावे किए गए, लेकिन कई किसानों को अपनी लागत तक नहीं मिल पाई, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार अपने चार वर्षों की वास्तविक उपलब्धियाँ बताने के बजाय वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र और विकसित प्रदेश जैसे नारों के माध्यम से जनता को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब वर्तमान समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है तो दूर के सपने दिखाना जनता को भ्रमित करने जैसा है।

अंत में यशपाल आर्य ने कहा कि इस अभिभाषण को “विजन डॉक्यूमेंट” के बजाय “कन्फ्यूजन डॉक्यूमेंट” कहना अधिक उपयुक्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

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