Dehradun: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही बुधवार को हुई पहली तेज बारिश ने राजधानी देहरादून की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। कुछ घंटों की बारिश में शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग द्वारा पहले से जारी भारी बारिश का अलर्ट पहले ही दिन काफी हद तक सही साबित हुआ।
सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद डालनवाला, आईएसबीटी, घंटाघर, प्रिंस चौक, सहारनपुर रोड, पटेल नगर और नेहरू ग्राम सहित कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं। जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा और लोगों को घरों, बाजारों व कार्यालयों तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुईं।
कई स्थानों पर सड़कें छोटी नदियों में तब्दील हो गईं, जबकि निचले इलाकों में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आई। नालियां और ड्रेनेज सिस्टम बारिश का दबाव नहीं झेल सके, जिससे सड़कें, गलियां और रिहायशी क्षेत्र पानी से लबालब भर गए। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान राजधानी में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पहली ही बारिश में हालात बिगड़ने से नगर निकाय और संबंधित विभागों की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 2 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं 3 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी और बागेश्वर में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बताया गया है। 4 जुलाई को भी पौड़ी और बागेश्वर में भारी बारिश तथा हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर सहित मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों, पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा है।

Chief Editor, Aaj Khabar
