Dehradun: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों और उप जिला चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पांच माह के भीतर इन चिकित्सालयों को ‘नेक्स्ट लेवल’ की सुविधाएं देने का लक्ष्य तय करने को कहा है।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि आमजन को संपूर्ण चिकित्सा स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो सके और मरीजों को रेफर करने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने विभाग को सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की पूर्ति हेतु आकर्षक सेवा शर्तों का निर्धारण करने और चिकित्सकों की अनुपस्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने बैठक में कहा कि टेलीमेडिसिन सेवाओं को औपचारिकता के दायरे से बाहर लाते हुए उन्हें ‘एक्चुअल मेडिसिन’ सेवा में बदला जाए, ताकि मरीजों को इसका व्यावहारिक लाभ मिल सके। साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सालयों में पूर्णतः क्रियाशील ऑपरेशन थियेटर (OT) तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह OT आधुनिक चिकित्सा पद्धति के मानकों को पूरी तरह पूरा करने वाले हों और जिन उपकरणों की खरीद की जाए उनका 100% उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि वर्तमान में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक, सपोर्टिंग स्टाफ, एडवांस स्किल लैब और ट्रामा सेंटर की स्थिति में और सुधार की आवश्यकता है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, वी. षणमुगम, डीजी स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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Chief Editor, Aaj Khabar
