Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के छह जनपदों की 484 महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से कुल ₹3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 की धनराशि उनके खातों में भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम चरण में बागेश्वर, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी और उधमसिंहनगर जनपदों की महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है। इसके साथ ही विभागीय कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाएं संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की मिसाल हैं और इस योजना से उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि शेष सात जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹4 करोड़ की धनराशि इसी माह डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के अंतर्गत विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, अकेले जीवन का भार उठा रहीं महिलाएं, एसिड अटैक एवं आपराधिक घटनाओं की पीड़ित महिलाएं तथा ट्रांसजेंडर वर्ग को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना जैसे निर्णयों से मातृशक्ति को नई ताकत मिली है। राज्य सरकार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह योजना एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार सृजन से जोड़ेगी। सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि योजना के तहत अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही हैं, जिसमें 75 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
