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Haldwani: हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट की बड़ी कार्रवाई, स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर 7 दुकानें सील

Haldwani: हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट की बड़ी कार्रवाई, स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर 7 दुकानें सील
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Haldwani: हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए बनभूलपुरा और बरेली रोड क्षेत्र में 7 दुकानों को सील कर दिया। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ मिलकर की गई।

जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर यह कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि बनभूलपुरा, बरेली रोड, कालाढूंगी रोड समेत अन्य इलाकों में सरकारी एवं निजी स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री की जा रही थी। नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने 7 दुकानों को सील किया और कई दुकानों से बीड़ी, पान मसाला, सिगरेट के पैकेट जब्त किए गए।

सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने बताया कि यह कार्रवाई COTPA अधिनियम, 2003 के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि अगर किसी स्कूल के 100 मीटर के भीतर कोई दुकानदार तंबाकू उत्पाद बेचता है तो उस स्कूल प्रबंधन को पहले दुकानदार को नोटिस देना होगा। इसके बाद भी अगर बिक्री बंद नहीं होती है तो प्रशासन को सूचित करें।

क्या है COTPA अधिनियम, 2003?

सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध तथा व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 — यानी COTPA 2003 — देश में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने के लिए बनाया गया कानून है।

  • धारा 6(क) — 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर रोक।
  • धारा 6(ख) — किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज (100 मीटर) के भीतर तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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One thought on “Haldwani: हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट की बड़ी कार्रवाई, स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर 7 दुकानें सील

  1. बिकाऊ व नशेड़ी शिक्षा विभाग को बच्चों की चिन्ता कब से होने लगी???
    उत्तराखण्ड में किसी भी शिक्षा विभाग ऑफिस में चले जाओ, सुबह 11 बजे भी नशे में डूबे कर्मचारी मिल जाएंगे। मगर गोबर मीडिया की इतनी औकात नहीं कि शिक्षा विभाग की नशे और महा रिश्वतखोरी की सच्चाई दिखा सके। सब बिकाऊ कुत्ते हैं

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